शेख हसीना को मौत की सजा मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी साबित

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारी झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अभी शेख हसीना भारत में हैं।

बांग्लादेश पूर्व पीएम शेख हसीना 

• ICT का बड़ा फैसला

• प्रदर्शनकारियों की मौत और अत्याचारों का हवाला

ट्रिब्यूनल ने अपने निर्णय में कहा कि उसने मानवाधिकार संगठनों और कई स्वतंत्र रिपोर्टों की जांच की है। अदालत ने कहा कि अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व की जानकारी में बड़ी संख्या में निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या की।

ICT ने स्पष्ट रूप से कहा कि मामले में उपलब्ध सबूतों से पता चलता है कि शेख हसीना के शासनकाल में मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध हुए हैं।

• अभियोजन पक्ष का अनुरोध और सजा बड़ा आंदोलन 

शेख हसीना के अभियोजकों ने मृत्युदंड की मांग की थी। 78 वर्षीय हसीना को अगस्त 2024 में हुए व्यापक विद्रोह से जुड़े कई गंभीर आरोपों के कारण अपना पद छोड़ना पड़ा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हुई कार्रवाई में लगभग 1400 लोग मारे गए। रिपोर्ट कहती है कि ये मौतें सरकारी आदेश के बाद हुई हिंसा का परिणाम थीं।

• शेख हसीना का बयान 

बांग्लादेश की अदालत के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। हसीना ने फैसले को राजनीतिक और पक्षपाती बताया है। शेख हसीना के बेटे ने पहले ही उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने का अंदेशा जताया था, जो सच साबित हुआ।

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